About Us

सम्पूर्ण देश एक परिवार है और प्रत्येक देशवासी इस विशाल भारतीय परिवार का आत्मीय सदस्य है I इससे भी आगे बढ़कर हम भारतीय सम्पूर्ण विश्व को पूर्व में ही एक परिवार मान चुके हैं और “वसुधैव कुटुंबकम” जैसी अपनापन के माधुर्य से ओत-प्रोत घोषणा कर चुके हैं | यह हमारे अतिशय संपन्न बौधिक दर्शन की वैश्विक अवधारणा (दृष्टि) का उत्कृष्टतम उदाहारण है, जो अद्वितीय  है| “प्राप्ते षोडषे वर्षे मित्रवत् पुत्रमाचरेत” आर्थात सोलह वर्ष की उम्र का हो जाने पर संतान के साथ भी मित्र के जैसे व्यवहार करने की परंपरा हमारी रही है | कहने का अर्थ यह है कि किशोर अवस्था से ही हम अपनी संततियों को विचार और व्यवहार के क्षेत्र में महत्व देना आरंभ कर देते हैं |

यह हमारी बहुत ही अच्छी और व्यवहारिक (Practical) समझ रही है कि जब बाप के पैर का जूता बेटे के पैर में ठीक होने लगे तो पिता-पुत्र दोनों रचनात्मक संवाद/अभिमत/ टिप्पणी (Comment) का लेन-देन आरंभ कर देते हैं | मानव के इतिहास का कोई भी आयाम हो, विचार करने पर हम पायेंगे कि उसका प्राण तत्व अभिमत/टिप्पणी (Comment) का पारस्परिक आदान-प्रदान ही है, जो एक स्वस्थ और निश्छल संवाद से घटित होता है I

अभिमत/टिप्पणी (Comment) यदि स्वस्थ एवं शुभचिंतन पूर्ण रहा तो हमारा देश, जो प्राचीन काल से ही बहुमुखी प्रतिभाओं के लिए विश्व प्रसिद्ध, लोकतंत्र का अद्वितीय   उदहारण, मानव सभ्यता का अग्रदूत, विविधता में एकता के लिये विश्व विख्यात एवं दुर्लभ प्राकृतिक संपदाओं से ओत-प्रोत रहा है, चतुर्दिक विकास करेगा और यह सोने में सुगंध जैसा होगा, ऐसा Comment का मानना है|  यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम विकास के प्रत्येक क्षेत्र में पिछड़ते चले जायेंगे |             

यह एक अकाट्य तथ्य है कि राष्ट्र की बहुआयामी समृद्धि  एवं सर्व स्वीकार्य मानव हितकारी सभ्यता की पृष्टभूमि में देशवासियों के विचार/चिंतन/टिप्पणी की मुख्य भूमिका होती है और यही एक सशक्त राष्ट्र/समाज का मूलत: अपरिहार्य तत्व है | यही कारण है कि हमारे देश में प्राचीनतम काल से ही अपने एवं सबके मंगल के लिये विचारण/चिंतन करने की परंपरा दृढ़ता पूर्वक चली आ रही है |

इस प्रवृत्ति का पोषण एवं संवर्द्धन हमारे पूर्व पुरुषों द्वारा सदैव किया जाता रहा है |हम सभी उन महान पूर्वजों की संतानें हैं, अतः इस परंपरा को हमें जीवंत बनाये रखना है | इसके लिये आवश्यक है कि हम अपने विचारों/अनुभवों का आदान प्रदान करते रहें और इस प्रकार देश/समाज की, साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व की समस्याओं को सुलझाने, उन समस्याओं का समाधान ढूंढने तथा मंगल एवं समृद्धि  प्राप्त करने हेतु सदैव गतिशील रहें | उपर्युक्त गंभीर तथ्यों पर हमारे द्वारा भली-भांति विचार किये जाने के बाद इस परंपरा को सहज, सुलभ बनाये जाने, इसकी व्यापकता को बढ़ाते हुये  वैश्विक क्षितिज पर प्रतिष्ठित करने, तथा इसे अतिशय तर्कसंगत बनाने हेतु अद्यतन तकनिकी (वैज्ञानिक) सुविधाओं/उपकरणों से सुसज्जित वेवसाइट देश वासियों तथा विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जिसे www.comment.net.in नाम दिया गया है |

इस जन कल्याणकारी वेबसाइट के माध्यम से निम्नांकित कार्य-सम्पादन हमारा उद्देश्य है :-

1 जनता की समस्याओं को शासन में बैठे जिम्मेदार जन प्रतिनिधियों,विधायकों,सांसदों,मंत्रियों एवं संबंधित विभागों  के अधिकारियों तक पहुँचाना और समाधान करवाने की दिशा में प्रयास करना |

2 किसी भी मुद्दे पर देश के comment को देश और विश्व के सामने तथ्यपूर्ण ढंग से एवं मजबूती के साथ प्रस्तुत करना |

3 सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से सभ्य तरीके से से जनता को पारस्परिक संवाद करने का अवसर देना |

4 साथ-साथ देश समाज की विशिष्टताओं को देश और वैश्विक स्तर पर सामने लाना |

5 जन समस्याओं एवं एवं जनआकांक्षाओं को संबंधित संस्था/मंच तक पहुंचाना एवं निराकरण के क्षेत्र

में प्रयास करना |

ध्यातव्य एवं अनुपालानीय मर्यादाये :-

  1. प्रत्येक यूज़र अपने वाल का प्रयोग शांत चित्त होकर विवेक पूर्ण ढंग से करें | अशांत क्षणों में आवेग या उत्तेजना में आकर अथवा किसी के बहकावे में आकर कदापि प्रयोग न करें |

  2. कमेन्ट अपने यूज़र्स से अपेक्षा करता है कि वे अपनी तथ्यपूर्ण बातें रखें |

  3. यूज़र्स अपने अनैतिक एवं अनुचित कृत्य के लिए स्वयं जिम्मेवार होंगे |
  4. सम्मान जनक एवं संसदीय भाषा का प्रयोग करें |

  5. कमेन्ट की  यह मान्यता  है कि हमारे यूजर्स जो आचरण करेंगे वह वैश्विक स्तर पर आचरण की संहिता का मापदंड सिद्ध होगा और अन्यों के लिये अनुकरणीय होगा |

जिन  यूज़र्स के द्वारा ऊपर वर्णित परामर्शों की उदंड़तापूर्वक अवहेलना की जाएगी, उनके एकाउंट को बंद करने पर विचार किया जा सकता है |